Coronavirus & TB: कोरोना वायरस और टीबी में क्या है रिश्ता, जान लें ये 5 ज़रूरी बातें!

Coronavirus & TB: स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी टीबी के रोगियों का कोविड-19 टेस्ट करवाने की सिफारिश की है और कोविड-19 पॉज़ीटिव रोगियों का टीवी का टेस्ट भी करवाया जाएगा। 

ट्यूबरक्लॉसिस से ग्रस्त व्यक्ति का कोरोना वायरस से संक्रमित होने का ख़तरा 2.1 गुना बढ़ जाता है। WHO द्वारा जारी की गई भारत की टीबी रिपोर्ट 2020 से पता चलता है कि देश में 2019 में टीबी के 26.9 लाख मामले सामने आए, जो दुनिया में सबसे अधिक हैं। कोरोना वायरस महामारी से पहले भारत सरकार का लक्ष्य था कि विश्व स्तर पर निर्धारित लक्ष्य से पांच साल पहले 2025 तक टीबी को ख़त्म करना है।

क्या है ट्यूबरक्लॉसिसकोविड-19 की तरह ट्यूबरक्लॉसिस, एक संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से फेफड़ों पर हमला करता है, हालांकि यह आपके मस्तिष्क और रीढ़ सहित शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है। टीबी एक प्रकार के बैक्टीरिया के कारण होता है जिसे माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलॉसिस कहा जाता है।

कोविड-19 और टीबी में रिश्ता

दोनों रोग मुख्य रूप से फेफड़ों पर हमला करते हैं और टीबी और कोरोना वायरस संक्रमण से बीमार लोगों में खांसी, बुखार, सांस लेने में कठिनाई जैसे समान लक्षण दिखते हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दोनों बायोलॉजिकल एजेंट मुख्य रूप से निकट संपर्क के माध्यम से फैलते हैं, टीबी में रोग के संपर्क में आने से ऊष्मायन अवधि अक्सर धीमी शुरुआत के साथ होती है।

क्या टीबी कोरोना वायरस का जोखिम बढ़ा देता है?

तथ्य यह है कि, अगर फेफड़े पहले से ही किसी बीमारी के शिकार हैं, जैसे टीबी, तो कोरोना वायरस से संक्रमित होना आसान हो जाता है। हालांकि, इस पर अभी तक कोई डाटा उपलब्ध नहीं है, लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स चेता चुके हैं, कि जो लोग टीबी के मरीज़ हैं, उनका दूसरे संक्रमण जिसमें कोरोना भी शामिल है, से संक्रमित होने का ख़तरा बढ़ जाता है।

चाहे किसी को टीबी हो या नहीं, सभी को कोरोना वायरस से बचाव के लिए निर्देशित सावधानियां बरतनी चाहिए। जिसमें:

  1. शारीरिक दूरी: लोगों से कम से कम 6 फीट दूर रहें।
  2. हाथ धोएं: साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकेंड के लिए दिन में कई बार हाथ धोएं।
  3. चेहरे को बिना हाथ धोए न छुएं।
  4. उन लोगों से मिलने से बचें जो बीमार हैं या किसी तरह के लक्षम महसूस कर रहे हैं। 
  5. मास्क पहनें

कोविड-19 से बचाव के लिए सावधानी बरतने के साथ, ट्यूबरक्लॉसिस के रोगियों को अपने नियमित उपचार प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना चाहिए, और अपने चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित टिप्स और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना उद्देश्यों के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। अगर आपके पास किसी भी चिकित्सा मामले के बारे में कोई विशिष्ट प्रश्न हैं, तो हमेशा अपने चिकित्सक या एक पेशेवर स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करें।

Posted by अजीत शर्मा

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