Facebook पर पर्सनैलिटी बताने वाले ऐप कहीं आपको कर न दें कंगाल

एफबी पर पर्सनैलिटी बताने वाले ऐप कहीं आपको कर न दें कंगाल
कानपुर देहात/सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म फेसबुक पर आजकल लोग ऐसे कई लिंक पर जाकर यह जानना चाहते हैं कि उनका व्यक्तित्व किसके समान है, किसके समान दिखते हैं, कब करोड़पती बनेंगें। वर्तमान में लोगो में यह जानने की होड़ मची है कि वे रामायण के कौन से पात्र हैं। राम, लक्ष्मण, भरत, विभीषण, रावण आदि में अपना व्यक्तित्व देखने के लिए लोग गोपनीय जानकारी दांव पर लगा रहे हैं। आपका व्यक्तित्व किस नेता से मिलता है, 5 साल बाद कितनी दौलत होगी, 10 साल बाद कितना बड़ा मकान होगा, ये सब फेसबुक पर फन ऐप के जरिए शेयर कर रहे हैं। चंद मिनट की खुशी, लाइक्स और कमेंट की लालच आपके बैंक बैलेंस और निजी जानकारियों पर भारी पड़ सकता है। साइबर एक्सपर्ट्स ने ऐसे लिंक से दूर रहने की सलाह दी है।
साइबर एक्सपर्ट की माने तो सोशल इंजिनियरिंग का साइबर अटैक एक तरह का धोखा है। लॉकडाउन के बाद शुरू हुआ रामायण का प्रसारण भी लोकप्रिय हो रहा है। इसलिए फन ऐप में हैकर रामायण के पात्र का कॉन्सेप्ट लेकर आए हैं। फेसबुक पर शेयर हो रहे फन ऐप में दिए गए लिंक पर क्लिक कर यह बताने का दावा करते हैं कि रामायण में आपका पात्र कौन सा है। लोग जिज्ञासावस ऐसा करते हैं। बस क्लिक करने के बाद आगे लोकेशन, फ्रेंड लिस्ट, प्रिफरेंसेस आदि के साथ ही कई बार मोबाइल की गैलरी तक एक्सेस करने की परमिशन अनजाने में दे देते हैं। यहीं से हैकर आपका डेटा चुराकर धोखाधड़ी या उसे बेचने का काम करते हैं। हालांकि फेसबुक पर आपका डेटा बिल्कुल सुरक्षित है, लेकिन यहां से किसी अन्य ऐप या वेबसाइट पर क्लिक करना भारी पड़ सकता है।
एक्सपर्ट का क्या कहना है-
साइबर सिक्यॉरिटी एक्सपर्ट उत्सव मित्तल ने बताया कि सोशल इंजिनियरिंग एक तरह का साइबर अटैक है। इसमें फिसिंग व स्पियरिंग दोनों टारगेट सेट होते हैं। फन ऐप पर बिल्कुल क्लिक न करें। इससे आपकी निजी जानकारी चोरी हो रही है। आपके डेटा का गलत उपयोग हो सकता है। ऐसे में सतर्क रहना बेहतर रहेगा।
क्यों चुराते हैं डेटा-
अकाउंट हैक कर आपसे उगाही करना।
गुप्त जानकारी चुराकर ब्लैकमेलिंग
अकाउंट हैक कर परिचितों से रुपये मांगना।
आपकी पसंद जानकर विज्ञापन में उसका इस्तेमाल करना।
जन्मतिथि, पासवर्ड आदि चुराकर बैंक खाते तक पहुँचना।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरवनखेड़ा में कार्यरत राजेश बाबू कटियार का कहना है कि इन दिनों जालसाज आपके पर्सनल और फाइनेंशियल डेटा को पाने के लिए नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका सबसे आसान तरीका फर्जी ऐप्स का है।हकीकत में ये ऐप्स फर्जी तरीके से यूजर्स के गूगल और फेसबुक अकाउंट का ऐक्सेस पा लेते हैं और फिर अपनी आवश्कतानुसार उसका प्रयोग करते हैं। सभी को ऐसे ऐप्स से बचना चाहिए।

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