नक्सलियों का खूनी तांडव; CRPF के 76 जवान शहीद

नक्सलियों का खूनी तांडव; CRPF के 76 जवान शहीद
न जाने केतना बहिन बिना भाई के, केतना औरत बिना सिन्दूर के ,केतना मई बिना बेटा के हो गइली l सिर्फ सरकार के बिना सोचे समझल कदम उठावे के चक्कर में ...
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में घात लगाकर बैठे 1000 नक्सलियों ने सीआरपीएफ के 76 जवानों को मार दिया। इससे आहत होकर रत्नेश रमन पाठक जी ने अपने ब्लॉग पर संदेश के साथ में सरकार द्वारा हुई गलतियों के बारे में लिखा है जो इस प्रकार है। कि...
न जाने केतना बहिन बिना भाई के, केतना औरत बिना सिन्दूर के ,केतना मई बिना बेटा के हो गइली l सिर्फ सरकार के बिना सोचे समझल कदम उठावे के चक्कर में.....
...जी हम बात कर रहल बनी २ दीं पहले ७६ भारत माँ के सपूत के जे की ऑपरेशन ग्रीन हंट खातिर जात रहन लेकिन रस्ते में ही मौत के घात उतर दिहल गैलन सब.हम पूछ रहे है की क्या जरुरत थी ,बिना कोई तगड़ा जानकारी जुटाए और खुफिया होमेवोर्क किये १०० जवानों को नाक्सिलियों के गढ़ में भेजने की.अगर किसी भी तरह के खतरे से मुक्त है तो वह है देश का नेता ,क्योंकि उन्होंने ने जनता के पैसा से ही अपने सुरक्षा का पूरा बंदोबस्त कर रखा है .VIP की श्रेणी में आने वाले १३००० हज़ार नेतावाओं ने ही अपनी सुरक्षा में ४७००० हज़ार से ज्यादा पुलिसकर्मी लगा रखे है .VVIP नेतावों के सुरक्षा में तो SPG AUR NSG जैसे जाबाज तैनात रहते है.इस गरीब मुल्क में इस सब पर सालाना जनता के १० अरब रुपया से भी ज्यादा बहा दिए जाते है .मुफ्त में इतने सुरक्षित माहोल में रहने वाले नेतावो के मन में यही रहता है की जनता भी उनकी ही तरह सुरक्षित है.जब कभी यह वहम टूटता है तो बयानबाज़ी कर के अपनी इछ्हा जताते है.नहीं तो करीब ५०००० नाक्सालियो को काबू करना उस देश के लिए मुस्किल नही होता जिसके पास दुनिया की दूसरी बड़ी सेना हो. क्या होगा जब सहीद हुए ७६ जवानों के परिजन यह सवाल करेंगे.हम भगवन से उन सहिदो के आत्मा की सन्ति की दुआ करते है.उनका दर्द तब पता चलता उन कमीने नेतावो को जब उनका कोई अपना मारा गया होता ।

Blog by Ratnesh Raman Pathak
8-Apr-2010

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