कोरोना से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुई पहली मौत



कोरोना से हुई पहली मौत उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में





उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना बीमारी को लेकर काफी सतर्क और जागरूक देखे जा रहे हैं कोरोना के नोएडा में बढ़ते ग्राफ को लेकर जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हटा दिया था उसके बाद पूरे प्रदेश के अधिकारियों में हड़कंप मची हुई थी नोएडा के जिलाधिकारी बीएन सिंह पर आरोप था की इस भयावह बीमारी में लापरवाही दिखाई लेकिन सबसे बड़ी लापरवाही गोरखपुर जिले के  अधिकारियों और मेडिकल कॉलेज प्रशासन की देखने को मिली आपको बता दें कि बस्ती जिले से एक मरीज गोरखपुर बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में एडमिट किया गया मेडिसिन वार्ड में एडमिट किया गया उसके साथ कई मरीज रहे रविवार को मौत होने के बाद प्रशासन ने उसकी ब्लड सैंपल जाँच के लिए भेजा जिसमें कोरोना पॉजिटिव पाया गया यह हम नहीं कह रहे हैं यह गोरखपुर के जिला अधिकारी का कहना है अभी तक आपने कोरोना के मरीजों की जांच मुंह की लार से किए जाने की बात सुनें होंगे लेकिन गोरखपुर का जिला प्रशासन मरने के बाद उसकी खून से कोरोना की जांच कर रहा है यह बात हम नहीं कह रहे हैं यह गोरखपुर जिला अधिकारी का कहना है आइए सुनते हैं वह क्या कह रहे हैं मौत के बाद जांच के लिए गए सैंपल की रिपोर्ट तब  आई जब तक उस व्यक्ति को लापरवाही पूर्वक परिजनों को सौंप दिया गया गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज से प्राइवेट एंबुलेंस में उसके परिवार वालों के साथ बैठा कर बस्ती के लिए रवाना कर दिया गया बस्ती पहुंचने के बाद परिजनों ने उसका मुहल्ले वालो के साथ दाह संस्कार कर डाला जब रिपोर्ट आई तो गोरखपुर जिला प्रशासन सहित बस्ती मेडिकल प्रशासन और बस्ती वालों के होश उड़ गए क्योंकि गांधी नगर का रहने वाला हसनैन अली पिता अकबर अली को कोरोना पॉजिटिव से मौत की बात गोरखपुर का जिला प्रशासन सहित बस्ती का जिला प्रशासन कह रहा है वही एंबुलेंस चालक सहित वार्ड में तैनात मरीजों की जांच इलाज करने वाले डॉक्टर नर्स पैरामेडिकल स्टाफ को क्वाटर टाइम किया गया है ।


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