500 बार लिखो "आई एम सॉरी"; forners को मिली अंग्रेजी में सजा

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन  पूरी तरह से मुस्तैद है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कर रही है। इस बीच उत्तराखंड के ऋषिकेश से एक ऐसी घटना सामने आ रही है। जो बेहद सराहनीय है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर दस विदेशियों को एक अनोखी सजा पुलिस ने दी जिसकी तारीफ सोशल मीडिया पर हो रही है। 

दरअसल, दस विदेशी यात्री जो लॉगडाउन के कारण भारत में फंस हैं। वे शनिवार को गंगा किनारे साईं घाट पर लॉकडाउन के बावजूद सैर-सपाटे कर रहे थे।  जिसके बाद पुलिस ने सबसे कागज पर 500 बार 'आई एम सॉरी' लिखवाया। इजरायल, ऑस्ट्रेलिया, मेक्सिको और कुछ यूरोपीय देशों से आए इन विदेशी नागरिकों से पुलिस ने एक-एक कागज पर 'मैने लॉकडाउन का उल्लंघन किया है, मुझे माफ कर दो' 500 बार लिखवाया। 
 
बता दें, की आवश्यक सेवा को सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक मिली छूट की आड़ में तपोवन क्षेत्र में ठहरे विदेशी सैर सपाटे के लिए नीम बीच स्थित साईंघाट पहुंच गए। स्वच्छंद गंगा स्नान के बाद घाट पर चहलकदमी करने लगे। गश्त पर निकली तपोवन चौकी पुलिस साईं घाट पहुंची तो विदेशियों को देख हैरत में पड़ गई। पुलिस ने विदेशी नागरिकों को लॉकडाउन का हवाला दिया, जिस पर विदेशी नागरिकों ने कहा कि सुबह से दोपहर तक रिलैक्सेशन का पीरियड है।

तब पुलिस द्वारा सूचित किया गया कि यह रिलेक्सेशन पीरियड नहीं है। लॉकडाउन सिर्फ आवश्यक सेवाओं से जुड़ी दुकानों को खोलने और लोगों को खरीददारी करने के लिए छह घंटे की छूट दी गई है। विदेशियों ने इस पर अनभिज्ञता जाहिर की। तपोवन चौकी इंचार्ज विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि घाट पर चहल कदमी कर रहे 10 विदेशी नागरिकों को मैंने लॉकडाउन का उल्लंघन करते पाया।

इसके बाद उत्तराखंड पुलिस ने सभी विदेशियों को अनोखी सजा करने को दिया, उन्होंने सभी से कागज पर 500 बार यह लिखवाया, 'मैंने लॉकडाउन का उल्लंघन किया है, मुझे माफ कर दो'। बता दें कि उत्तराखंड में कोरोना वायरस के अब तक 35 मामले सामने आ चुके हैं। 

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