घंटों सड़क पर तड़पता रहा मरीज; 108 व् 112 की उम्मीद में तड़प-तड़प कर तोड़ा दम


*मुजफ्फरनगर जिला चिकित्सालय से रेफर किया मरीज घंटों सड़क पर तड़पता रहा तड़प तड़प कर तोड़ा दम , यदि सरकार की 108 एवं 112 पुलिस कि समय पर मिल जाती मदद तो बचाई जा सकती थी मरीज की जान*

मुजफ्फरनगर/ आपको बता दें कि जनपद मुजफ्फरनगर के जिला चिकित्सालय से मेरठ या फिर मेडिकल बेगराजपुर उन लोगों को रेफर किया जाता है ।जिनकी हालत गंभीर होती है गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के जिला चिकित्सालय के डॉ रेफर स्लिप बनाकर उनको मेरठ के लिए रेफर कर दिया जाता है। ऐसा ही एक मामला जनपद मुजफ्फरनगर के हरसोली गांव का है 108 एंबुलेंस की मदद से जाजुदीन नाम का मरीज जिसको सांस की बीमारी के चलते जिला चिकित्सालय जनपद मुजफ्फरनगर में भर्ती कराया गया था 2 दिन जिला चिकित्सालय में मरीज का इलाज होने के बाद मरीज की हालत बिगड़ती देख डॉक्टर ने शनिवार को मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि मेरठ जाने के लिए 108 एंबुलेंस द्वारा मरीज को मेरठ चिकित्सालय के लिए ले जाया जा रहा था मगर 108 एंबुलेंस के ड्राइवर एवं साथ में बैठे स्वास्थ्य कर्मी ने मरीज के तीमारदारों से ₹800 की मांग की जिसको मरीज के साथ वाले परिजन ₹800 की व्यवस्था नहीं कर पाए जिसके चलते 108 एंबुलेंस बीच रास्ते में ही मरीज को उतारकर चली गई जिसके चलते लगभग 2 घंटों तक मरीज सड़क पर ही तड़पता रहा मगर कॉल करने के बावजूद भी परिजनों का आरोप है कि न तो मौके पर 108 एंबुलेंस पहुंची और ना ही यूपी की 112 आपात सहायता पुलिस जिसके उपरांत हरसोली निवासी की तड़प तड़प कर सड़क पर ही मौत हो गई जिसके उपरांत राहगीरों के माध्यम से संबंधित थाना कोतवाली नगर को सूचना दी गई जिसके बाद मौके पर बुढ़ाना चौकी इंचार्ज एवं 112 नंबर पुलिस मरीज के दम तोड़ने के बाद मौके पर पहुंची परिजनों ने यह सूचना मृतक के परिवार वालों को दी जिसके उपरांत मृतक अपनी प्राइवेट गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचे और मृतक को हरसोली गांव ले जाया गया

जांच से हो सकता है खुलासा
अब सवाल यह उठता है कि मृतक के साथ परिजनों के इह आरोप में कितना दम है यह तो एक जांच का विषय है मगर मानवता के नाते देखा जाए तो समय पर मरीज को यदि मिल जाति सरकार की सरकारी सुविधा तो शायद बच सकती थी हरसोली निवासी जाजुदीन की जान ।

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