5 करोड़ की आबादी वाले इस देश ने बिना "लॉक डाउन" के ऐसे जीती करोना महामारी से जंग

दुनियाभर के देश कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। वहीं, दक्षिण कोरिया एक ऐसे देश के रूप में उभरा है जो कोरोना को भले ही पूरी तरह से खत्म न कर पाया हो, लेकिन उसे काफी हद तक नियंत्रित करने में कामयाब रहा है। दक्षिण कोरिया के प्रयास की मेडिकल जगत ने भी काफी तारीफ की है और कनाडा, सऊदी अरब, स्पेन और अमेरिका ने तो कोरिया मॉडल पर राष्ट्रपति मून जाए-इन से सुझाव के लिए संपर्क भी किया है। ऐसे में प्रधानमंत्री चुंग सी-क्युन ने विदेशी मीडिया से बातचीत में 'दक्षिण कोरिया मॉडल' की सफलता के राज शेयर किए हैं।
ट्रिपल से डबल डिजिट केस, स्थिति नियंत्रण में
फरवरी के अंत में दक्षिण कोरिया चीन के बाद कोरोना केस के मामले में दूसरे पायदान पर पहुंच गया था जब 29 फरवरी को 24 घंटे के भीतर 909 नए मामले सामने आए थे। वहीं, अब हाल ये है कि डेली केस की संख्या ट्रिपल डिजिट में नहीं बल्कि डबल डिजिट में दर्ज की जा रही है और यह बहुत बड़ी राहत की बात है। इस वजह से कोरिया सबसे अधिक संक्रमित टॉप 10 देशों में सबसे नीचे है। पीएम चुंग ने कहा, 'हम क्रिटिकल स्टेज से बाहर निकल चुके हैं। नए केस की संख्या में कमी आई है जो कि अब डबल डिजिट में है। अब हम ऐसी स्थिति में हैं जहां स्थिति को नियंत्रित कर सकते हैं।'

महत्वपूर्ण बात यह है कि दक्षिण कोरिया ने और देशों की अपेक्षा लॉकडाउन जैसे कोई कदम नहीं उठाए। चुंग ने इस पर कहा, 'जो तरीका हमने अपनाया, हमें भरोसा है कि उससे हम कोविड19 की जंग लड़ने में सफल रहे हैं। हम कोरोना से निपटने के लिए लॉकडाउन की जगह हर दूसरे संभव प्रयास कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब हमारे इस प्रयास को देखेगा।'
इन चार शब्दों में छुपी है कोरिया की सफलता
चुंग ने बड़ी स्पष्टता के साथ अपनी बात रखी और कहा कि हमारे प्रयास चार अवधारणा पर टिके हैं- तेजी, पारदर्शिता, इनोवेशन और जनभागीदारी। तेजी की बात की जाए तो कोरिया ने पहले 10 हजार लोगों का रोज टेस्ट किया और अब 20,000 लोगों का कर रहा है। अब तक 3,76,961 लोगों की टेस्टिंग हो चुकी है।नियमित रूप से दो प्रेस कॉन्फ्रेंस की गईं और जनता को वही बताया जो चल रहा था यानी पूरी पारदर्शिता रखी गई। जनभागीदारी पर जुंग ने कहा कि हमने लॉकडाउन को अपनाने की जगह आम लोगों के सहयोग से जंग जीती क्योंकि वे सोशल डिस्टेंसिंग, सेल्फ क्व़ॉरंटीन, बार-बार हाथ धोने और फेस मास्क पहनने पर ध्यान दे रहे थे। इससे संबंधित संदेश भी अलग-अलग माध्यमों से प्रचारित-प्रसारित किए गए।

कोरिया के पीएम ने कहा कि अगर कोई देश उनकी मदद चाहेगा तो उन्हें खुशी होगी। एशिया टाइम्स के मुताबिक, विदेशी पत्रकारों से बातचीत में चुंग ने कहा, 'हमारे पास दूसरे देशों से ज्यादा अनुभव हैं इसलिए हम अगर शुरुआती ट्रांसमिशन से जुड़े अपने ज्ञान और सूचना को दूसरे देशों के साथ साझा कर पाए, तो हमें ऐसा करते हुए बड़ी खुशी होगी क्योंकि वे बड़ी चुनौतियां झेल रहे हैं।'
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में दक्षिण कोरिया का अनुभव आगे एक केस स्टडी के रूप में देखा जा सकता है। दुनियाभर की मीडिया हो या फिर स्वास्थ्य विशेषज्ञ दक्षिण कोरिया के प्रयास की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कनाडा, सऊदी अरब, स्पेन और अमेरिका कोरिया के इस मॉडल को समझना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिका में कोरोना के सबसे अधिक मरीज हैं।

किसी एक देश में सबसे अधिक संक्रमितों के मामले में अमेरिका पहला है। यहां पर 1,24,686 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है जबकि 2,191 लोगों की मौत हुई है। अमेरिका में 2,612 लोग ठीक होकर घरों में लौट चुके हैं। अमेरिका में सोमवार को संक्रमण के 41,511 मामले आए थे इस प्रकार अमेरिका में सबसे तेजी से संक्रमितों की संख्या बढ़ी।
दुनियाभर में कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या रविवार को 31,412 पहुंच गई। दिसबंर में चीन में संक्रमण की पहली खबर आने के बाद से अबतक पूरी दुनिया में 183 देशों के 6,67,090 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं जिनमें से 134,700 ठीक होकर अपने घरों को जा चुके हैं। इटली में कोरोना वायरस से पहली मौत फरवरी में हुई थी और अबतक यहां की सरकार 10,023 लोगों की मौत की पुष्टि कर चुकी है। इटली में 92,472 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं जिनमें से 12,384 ठीक हो चुके हैं।
इटली की तरह चीन से अधिक लोगों की मौतें स्पेन में हुई है। स्पेन में अबतक 6,528 लोगों की मौत होने और 78,747 के संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है। चीन ने - हॉन्ग कॉन्ग और मकाउ को छोड़कर- अबतक देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से 3,295 लोगों की मौत और 81,394 लोगों के संक्रमित होने की जानकारी दी है जिनमें से 74,971 लोग ठीक हो चुके हैं।

ताजा हालातों में सबसे प्रभावित देशों में अभी ईरान है जहां पर 2,640 लोगों की मौत हुई है और 38,309 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। वहीं फ्रांस में 2,314 लोगों की मौत हुई है और 37,575 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं।

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