"आयुष्मान कार्ड" और बीमार पत्नी को ठेले पर लेकर, अस्पतालों के चक्कर लगाता रहा बुजुर्ग

गोरखपुर। सरकारी अस्पतालों की बदहाली और आयुष्मान योजना की पोल एक बार फिर खुली।  शुक्रवार को गोरखपुर जिले के पीपीगंज कसबे में आयुष्मान कार्ड धारक बुजुर्ग पत्नी को ठेले पर लेकर भटकता रहा। सरकारी से लेकर निजी अस्पताल में वह पत्नी को लेकर गया लेकिन कहीं भी इलाज नहीं मिला। मजबूरन उसे बीमार पत्नी के साथ वापस घर जाना पड़ा।

कैम्पियरगंज के महानखोर निवासी रामकेवल बेहद गरीब परिवार के हैं। वह आयुष्मान कार्डधारक हैं। उनकी पत्नी कैलाशी देवी कुछ वर्षों से बीमार चल रही है। शुक्रवार को पत्नी की हालत बिगड़ गई। उसे तेज बुखार हो गया। सांस लेने में तकलीफ होने लगी। रामकेवल ने कैलाशी देवी को ठेले पर लिटाया और दोपहर दो बजे पीपीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचा। अस्पताल में डॉक्टर नदारद मिले। डॉक्टर के कमरे में ताला लगा था.  मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने मरीज को भर्ती करने से इनकार कर दिया।


रामकेवल सरकारी अस्पताल से पत्नी को ठेले पर लेकर निजी अस्पताल गए। हर जगह इलाज के नाम पर कर्मचारियों ने उनसे भारी भरकम रकम एडवांस में मांगी गयी। रामकेवल ने आयुष्मान कार्ड होने का हवाला दिया। इसके बावजूद निजी अस्पताल के कर्मचारियों ने कैलाशी का इलाज करने से मना कर दिया. बीमार पत्नी का इलाज नहीं मिलने पर रामकेवल रोते हुए घर वापस आ गया।